बुधवार, 16 मई 2018

छिंदवाड़ा जिले का एक सरकारी स्कूल, जिसकी कहानी पढ़कर आप भी गर्व करेंगे

*छिंदवाड़ा जिले का एक सरकारी स्कूल, जिसकी कहानी पढ़कर आप भी गर्व करेंगे*

पंडित विशंभर नाथ पांडे के सपने को साकार करने में जुटा उमरेठ का हायर सेकंडरी स्कूल...

✔ इसी स्कूल में 12वीं आर्ट्स की छात्रा शिवानी पवार ने इस साल स्टेट में किया टॉप।

✔ यहां की एक छात्रा करुणा यादव ने ही मेरिट में सातवां स्थान प्राप्त किया है।

✔ यहां से पढ़ने वाले कई प्रतिभाशाली छात्र और छात्राओं ने बड़ा नाम कमाया है।

✔ रेसलर शिवानी पवार भी इसी स्कूल की छात्रा रही है, उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पदक जीते हैं।

✔ इससे पहले 1993 में उमरेठ स्कूल से ही ऊषा खापरे प्रदेश में टॉपर रही थी।

‌छिंदवाड़ा जिले में परासिया से 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है उमरेठ। इस गांव की एक पहचान स्वतंत्रता सेनानी और बड़े राजनेता स्व. पंडित विशंभर नाथ पांडे के नाम से भी है. उनका जन्म 23 दिसंबर 1906 को उमरेठ ग्राम में हुआ था. उन्हें 1976 में पद्मश्री की उपाधि से सम्मानित किया गया था. वह उड़ीसा के राज्यपाल भी रहे. उनका निधन 1 जून 1998 में हुआ।

वह इतिहासकार भी थे। उन्होंने कई चर्चित किताबें लिखी है.
जानकार बताते हैं कि उमरेठ का मौजूदा स्कूल पंडित विशंभर नाथ पांडे की ही देन है। उन्होंने खुद की जमीन पर इस स्कूल की इमारत को खड़ा किया और बाद में गवर्नमेंट को दे दिया।

उमरेठ के आसपास मौजूद 2 दर्जन से ज्यादा गांव के बच्चे इस स्कूल में पढ़ते हैं। यहां के शिक्षक इन बच्चों पर काफी मेहनत करते हैं। यह स्कूल कठोर अनुशासन और अच्छी गतिविधियों के लिए पहचाना जाता है.

उमरेठ स्कूल में आप जाएंगे तो आपको स्कूल की दीवारों पर प्रतिभावान छात्रों के नाम और नंबर सबसे पहले नजर आएंगे. इस स्कूल से लगातार बच्चे जिले की मेरिट लिस्ट में अपना नाम दर्ज कराते रहे हैं. इसके साथ ही प्रदेश की मेरिट लिस्ट में भी आते रहे हैं।

इस साल 2018 में जहां 12वीं कला संकाय की मेरिट लिस्ट में इस स्कूल की छात्रा शिवानी पवार ने मध्यप्रदेश में टॉप किया है। वहीं करुणा यादव ने भी मेरिट में 7 वां स्थान हासिल किया है.

इन छात्रों की अभूतपूर्व सफलता में यहां के प्राचार्य और शिक्षकों का बड़ा योगदान है। ये सभी मिलकर पद्मश्री पं. विशंभर नाथ पांडे जी के सपनों को साकार करने में लगे हैं।

नोट- अगर आप भी इस स्कूल से या उमरेठ ग्राम से जुड़े हुए हैं तो प्लीज अपने संस्मरण, अपनी यादें और तस्वीरें शेयर कीजिए.

अगर आप इस स्कूल के छात्र रहे हैं या यहां के शिक्षक हैं तो अपने अनुभव बताइए।


कोई टिप्पणी नहीं: