सोमवार, 5 अक्तूबर 2015

यादें ही शेष रह जाएगी छिंदवाड़ा-नागपुर नैरोगेज लाइन की

  • 750 किमी की नैरोगेज लाइन बन जाएगी इतिहास
  • विश्व की सबसे बड़ी नैरोगेज रेल लाइन 1913 में शुरू हुई
  • ब्लॉक के बाद 102 साल की यादें हो जाएंगी खत्म


छिंदवाड़ालंबे समय से एशिया के सबसे बड़े नैरोगेज जंक्शन के रूप में पहचाना जाने वाला नैनपुर अब कुछ दिनों के बाद इतिहास बन जाएगा। यह जंक्शन तो रहेगा, लेकिन एशिया में सबसे बड़े नैरोगेज लाइन के जक्शन के रूप में इसकी पहचान समाप्त हो जाएगी। विगत दिनों स्टेशन अधीक्षक नैनपुर एससी दास व विश्व के चर्चित पत्रकार मार्क टुली के बीच हुए संवाद पर गौर करें तो यह दु:खद है। लेकिन आदिवासी जिले मंडला और नैनपुर के विकास में यह दु:खद पहल 'एक मील का पत्थर साबित होगा। इसकी कल्पना तो की जा रही थी। क्रियान्वयन लम्बे इंतजार के बाद सामने आया हैं।
वर्ष 1913 में अंग्रेजी हुकूमत ने नागपुर-जबलपुर के बीच नैरोगेज लाइन की शुरुआत की। उस समय यहां के लोगों के आवागमन के लिए यह साधन किसी चमत्कार से कम नहीं था। उक्त रेलमार्ग के बीच स्थित नैनपुर एशिया के सबसे बड़े नैरोगेज लाइन के जंक्शन के रूप में पहचान बनाई। प्रमुख केन्द्र होने के साथ ही नैनपुर में वर्ष 1965 तक डीआरएम कार्यालय भी संचालित होता रहा।

विश्व की सबसे बड़ी नैरोगेज रेल लाइन का तगमा भी होगा समाप्त

नागपुर-जबलपुर, नैनपुर-बालाघाट व नैनपुर-मंडला फोर्ट के बीच करीब 750 किलोमीटर की नैरोगेज रेललाइन है। यह रेललाइन विश्व की सबसे बड़ी नैरोगेज लाइन है। एक अक्टूबर से लिए जा रहे ब्लॉक के बाद वर्ष 2018 तक यह ब्रॉडगेज लाइन बन जाएगी। ब्लॉक के बाद ही विश्व की सबसे बड़ी रेललाइन का तगमा भी समाप्त हो जाएगा।

950 कर्मचारी हैं तैनात

नैनपुर में करीब 950 कर्मचारी व अधिकारी वर्तमान समय में कार्यरत हैं। इनमें कौन रहेगा और किसको हटाया जाना है, अभी यह तय नहीं हो पाया है। लेकिन उनके स्थानांतरण के संकेत मिल चुके हैं। नैनपुर में करीब नौ सौ रेलवे के आवास भी है,जहां कर्मचारी, अधिकारी निवास करते हैं।
नैरोगेज बंद करने को लेकर मार्क टुली से हुए संवाद में इसको दु:खद बताया, लेकिन विकास के लिए यह आवश्यक है। ब्लॉक इतनी जल्दी मिल जाएगा, इसका अनुमान नहीं था। नैरोगेज लाइन में नैनपुर एशिया का सबसे बड़ा जंक्शन है। नैरोगेज रेल लाइन भी विश्व की सबसे बड़ी लाइन के रूप में जानी जाती है। यह अब इतिहास की बात हो जाएगी।

एससी दास, स्टेशन अधीक्षक नैनपुर जंक्शन
सोर्स- पत्रिका, छिंदवाड़ा

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