मंगलवार, 1 अप्रैल 2014

आकाशवाणी छिंदवाडा के हिस्सा रहे शशिकांत व्यास जी इंदौर से रिटायर

श्री शशिकांत व्यास (असि. डायरेक्टर प्रोग्राम आकाशवाणी इन्दौर) कल (31 मार्च, 2014) रिटायर हो गए. आकाशवाणी छिंदवाडा ​के बाकी लोगों की तरह व्यास सर से भी 
मेरा गहरा संपर्क रहा. उनसे मुझे कॅरियर मार्गदर्शन भी मिला. उन्होंने मेरा एक इंटरव्यू भी लिया था. उन्हें अपनी आगे की लाइफ के लिए शुभकामनाएं.
प्रवीण नागदिवे का संस्मरण....

सतत रूप से कई वर्षों तक श्रोताओं के पत्रों का जवाब देने वाले शशिकांत व्यास अब इस कार्यक्रम में सुनायी नहीं देंगे । श्री व्यास अपनी मीठी, सधी हुई आवाज से श्रोताओं की शिकायत को इतने प्यार से पढते थे कि श्रोता स्वयं ही सब कुछ भूल कर अगले कार्यक्रम में प्रशंसा पत्र भेज देता था।

अपने सादगी पूर्ण और मधुर व्यवहार के चलते सारी समस्याओं और लोगों के गुस्से को शिव की तरह पी जाने वाले व्यास जी की कमी आकाशवाणी इन्दौर को बहुत खलेगी। 37 वर्ष के आकाशवाणी के सफर में शायद ही किसी ने उन्हें गुस्सा होते देखा होगा। स्वयं मैने भी उनके साथ कई बार ऐसी कई बातें की होंगी जो कि किसी भी व्यक्ति को उत्तेजित कर दे लेकिन व्यास जी जिस मिट्टी के बने थे उसमें गुस्सा नाम का कण था ही नहीं।

10 नवम्बर 1976 को आकाशवाणी इन्दौर में उद्घोषक के रूप में नियुक्त होने वाले शशिकांत ने आकाशवाणी इन्दौर में कई कार्यक्रमों को लोकप्रिय बनाने में अपनी भूमिका निभाई। श्री व्यास 1988 में यूपीएससी से कार्यक्र्म अधिकारी के रूप में चयनित हुए और ज्वाईन किया आकाशवाणी जयपुर में वहॉं से कार्यक्रम अधिकारी के रूप में वे बाडमेर, छिंदवाडा, इन्दौर, जगदलपुर में अपनी सेवायें देने के बाद वापस इन्दौर पंहुचे इन्दौर में सहायक निदेशक के रूप में पदस्थ होने के बाद आज 31 मार्च 2014 को वे सेवानिवृत्त हो रहे हैं।

श्री शशिकांत व्यास ने अपने जीवन के शुरूआती दौर में ही प्रसिद्ध सात्त्यिकारों, कलाकारों, गायकों के साथ साक्षात्कार का अनुभव ले लिया था इनमें प्रमुख रूप से शिवमंगलसिंह सुमन व स्वर कोकिला सुश्री लता मंगेशकर जैसी हस्तियॉं शामिल रही हैं।
 
श्री शशिकांत व्यास ने अपने कार्यकाल के उत्तरार्ध में कई महत्वपूर्ण कार्यों में अपनी सहभागिता दी है इसमें 3 नए आकाशवाणी केन्द्रों का शुभारंभ भी शामिल है इसमें से एक आकाशवाणी का उज्जैन केन्द्र हैं वहीं 2 रिले सेंटर रलताम एवं झाबुआ भी शामिल है। इन कार्यों के दौरान ये देखने में आया कि वे 24 घंटे कार्य को तत्पर रहते थे। चाहे देर रात को ही घर लौटे हो और सुबह 6 बजे फिर जाना हो तो भी व्यास जी तैयार मिलते थे।

इन्दौर केन्द्र पर एक लोकसेवा प्रसारक के रूप में वे आकाश्वाणी इन्दौर के आधार स्तंभ श्री रामचंद्र मण्डलोई जिन्हें श्रोता कान्हा जी के नाम से याद करते हैं उनका साक्षात्कार करने सुदूर ग्राम उन में श्रोता अनुसंधान टीम के साथ पंहुच गये थे। इसी तरह श्रोता अनुसंधान के फीडबैक पर लोकप्रिय कवि श्री बालकवि बैरागी का साक्षात्कार, संस्कृत समाचार की पहचान बने श्री बलदेवानंद सागर का साक्षात्कार भी श्री व्यास द्वारा किया गया।
 
श्रोता अनुसंधान टीम के साथ श्री व्यास जी ने ग्रामीण क्षेत्रों में कई श्रोता सम्मेलनों में अपनी शिरकत की है इसमें उन्हेल, आलोट, बडवाह, सनावद, खरगोन, महाराष्ट का शेगांव और यवतमाल भी शामिल हैं यह श्री व्यास की का ही प्रयास है कि आज आकाशवाणी इन्दौर श्रोताओं के बीच फिर से अपनी कुछ पहचान बना पाया है। आकाशवाणी इन्दौर कार्यक्रम प्रभारी के रूप में प्रभारी का नम्बर सदा ही श्रोताओं के लिए उपलब्ध रहा करता था उनकी श्रोताओं के बीच लोकप्रियता का आलम ये हैं कि साल भर पहले प्रभारी का कार्यभार छोड देने के बाद भी श्रोता गाहे बगाहे उसी नम्बर पर कॉल कर लेते हैं। श्री व्यास की कार्यप्रणाली और व्यवहार के चलते उनके इस योगदान की कमी आकाशवाणी इन्दौर में लम्बे समय तक महसूस की जाती रहेगी। 

सेवानिवृत्ति पर प्रसार भारती परिवार की ओर से हार्दिक शुभकामनायें..

श्री शशिकांत व्यासअसि. डायरेक्टर प्रोग्राम को शुभकामनाये देना चाहे तो उनके मोबाईल नम्बर 9575102588 पर उनसे संपर्क किया जा सकता है। 

(प्रवीण नागदिवे)

फेसबुक पेज Akashvani Vividhbharti Listenersclub Indore से साभार
https://www.facebook.com/vividhbharti.indore

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