शनिवार, 13 जुलाई 2013

लोकमत समाचार के 7वें संस्करण का छिंदवाड़ा में लोकार्पण

 शुक्रवार को छिंदवाड़ा में आयोजित भव्य समारोह में 'लोकमत समाचार' के छिंदवाड़ा संस्करण का लोकार्पण हुआ. इस मौके पर 'लोकमत समाचार' के
संपादक विकास मिश्र, लोकमत पत्र समूह के संयुक्त प्रबंध संचालक ऋषि दर्डा, आईबीएन 7 के मैनेजिंग एडिटर आशुतोष, लोकमत पत्र समूह के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ सांसद विजय दर्डा, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण, केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ, राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता रविशंकर प्रसाद, महाराष्ट्र के शालेय शिक्षा मंत्री राजेंद्र दर्डा, 'आज तक' के कार्यकारी संपादक पुण्यप्रसून वाजपेयी, लोकमत पत्र समूह के कार्यकारी संचालक करण दर्डा तथा छिंदवाड़ा संस्करण के स्थानीय संपादक देवेश ठाकुर मौजूद थे.

छिंदवाड़ा की अपनी दुनिया है. भोपाल छिंदवाड़ा नहीं बन सकता, लेकिन छिंदवाड़ा भोपाल बन सकता है. - कमलनाथ, केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री

लक्ष्य से दूर न हो मीडिया और राजनीति

'आम आदमी के विकास में राजनीति और मीडिया की भूमिका' पर वक्ताओं के उद्गार

छिंदवाड़ा। 12 जुलाई (लोस टीम)
कभी धुएं की तरह पर्वतों से उड़ते हैं,
कभी महक की तरह फूलों से उड़ते हैं,
कैंचियां हमें उड़ने से खाक रोकेंगी,
हम परों से नहीं हौसलों से उड़ते हैं.

ऐसे ही कुछ हौसलों के साथ लोकमत समाचार के 7वें संस्करण का लोकार्पण आज छिंदवाड़ा से किया गया. लोकमत पत्र समूह ने अपने इस 21वें संस्करण के साथ मध्यप्रदेश में पदार्पण किया. इस अवसर पर आयोजित 'आम आदमी के विकास में राजनीति और मीडिया की भूमिका' पर विचारोत्तेजक परिसंवाद में अतिथियों ने अपने उद्गार व्यक्त किए. अतिथियों का मत था कि मीडिया और राजनीति आम आदमी के विकास के अपने लक्ष्य से भटक रहे हैं. मीडिया और राजनीति को आम आदमी पर केंद्रित रहना चाहिए क्योंकि वही उनका लक्ष्य है.

केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि छिंदवाड़ा की अपनी दुनिया है. भोपाल छिंदवाड़ा नहीं बन सकता, लेकिन छिंदवाड़ा भोपाल बन सकता है. छिंदवाड़ा आज वह नहीं रहा जो 80 के दशक में हुआ करता था. यहां के लोगों ने अपनी सोच बदली है. वे विकास के मायने जानते हैं. उक्त विचार केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री कमलनाथ ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रकट करते हुए कहा कि तकनीकी बदलाव को उपलब्धि नहीं माना जा सकता, क्योंकि वह तो विज्ञान की देन है. उपलब्धि तो वह है जिससे शहर का विकास हो, परिवर्तन हो. यह तभी संभव है जब आम आदमी अपनी सोच बदलेगा. मध्यप्रदेश में छिंदवाड़ा से लोकमत समाचार के पदार्पण को सही वक्त पर उठाया गया उचित कदम बताते हुए कमलनाथ ने लोकमत पत्र समूह को बधाई दी.

पंकज टॉकीज में आयोजित भव्य लोकार्पण समारोह में लोकमत समाचार के छिंदवाड़ा संस्करण का विमोचन केंद्रीय शहरी विकास मंत्री कमलनाथ, राज्यसभा में विपक्ष के नेता रविशंकर प्रसाद, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण, लोकमत पत्र समूह के चेयरमैन एवं एडिटर इन चीफ सांसद विजय दर्डा, महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री राजेंद्र दर्डा, आज तक के कार्यकारी संपादक पुण्यप्रसून वाजपेयी तथा आईबीएन 7 के मैनेजिंग एडिटर आशुतोष की उपस्थिति में हुआ. कार्यक्रम की शुरुआत आकर्षक गणेश वंदना के साथ की गई. इसके पश्‍चात अतिथियों ने दीप प्रज्‍जवलन किया. लोकार्पण के अवसर पर लोकमत समाचार के संपादकीय संचालक एवं संयुक्त प्रबंध संचालक ऋषि दर्डा, कार्यकारी संचालक करण दर्डा, संपादक विकास मिश्र, प्रोडक्ट हेड मतीन खान, स्थानीय संपादक देवेश ठाकुर सहित अन्य अतिथिगण उपस्थित थे.

निष्पक्ष रहे मीडिया : पृथ्वीराज चव्हाण
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने लोकमत परिवार को महाराष्ट्र की जनता की ओर से बधाई देते हुए कहा कि राजनीति लोगों को समाज में समानता का दर्जा दिलाने में हरसंभव कोशिश कर रही है. मीडिया इस कार्य में एक सेतु के रूप में अपनी भूमिका अदा कर रहा है. इस कार्य में मीडिया और राजनीति दोनों के कंधों पर अहम जिम्मेदारी है. उन्होंने राजनीति के साथ-साथ मीडिया में भी दुगरुणों का जिक्र किया. चव्हाण ने कहा कि पाठक या दर्शक संख्या बढ़ाने के लिए मीडिया में विषयवस्तु का स्तर गिर रहा है जिसे बनाए रखने की जरू रत है. कॉर्पोरेट के चलते परिदृश्य बदला है, लेकिन फिर भी मीडिया को निष्पक्ष रहने की जरूरत है. हालांकि उन्होंने इस दौरान मीडिया में सकारात्मक प्रस्तुति की सराहना भी की. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के हर पहलू चाहे व सही हों या गलत, इसे लोगों तक पहुंचाने की जवाबदेही मीडिया की है.

देश को लेकर आमजन निराश नहीं : रविशंकर प्रसाद
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता तथा भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि लोकमत तभी प्रासंगिक बनेगा जब वह जनमत से जुडे.गा. उनका मानना है कि मीडिया के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों को भी आम जनता से जुड.ना होगा. यदि आम आदमी से जुड़ाव नहीं होगा तो कोई भी राजनेता या समाचार पत्र सफल नहीं हो सकता. मीडिया जब तक लोगों की पीड़ा, वेदना, उत्कंठा को नहीं समझेगा तब तक वह आमजन में अपनी पैठ नहीं बना सकता. उन्होंने कहा कि देश का जन हमें समझ रहा है. अब सवाल यह है कि हम देश के जन को कितना समझ रहे हैं. देश का जन मीडिया को भी समझ रहा है. आज पेड न्यूज मीडिया के लिए अभिशाप है. संपादक भी बिकता है. देश को लेकर मीडिया तथा राजनेता दोनों निराश हैं, लेकिन आमजन निराश नहीं है. उन्होंने कहा कि मुझे हर जगह आशा की किरण दिखाई देती है. चाहे वह किसान हो, मजदूर हो या फिर देश का नौजवान हो. ये सदैव आशान्वित होकर कार्य करते हैं. इन्हें देश से कोई मतलब नहीं होता है. उन्होंने कहा कि ये लोकतंत्र है और हमें जमकर आलोचना करनी चाहिए.

दो दशक से आया बदलाव : राजेंद्र दर्डा
महाराष्ट्र के स्कूल शिक्षा मंत्री राजेंद्र दर्डा ने कहा कि राजनीति और मीडिया में पिछले दो दशकों से बदलाव आया है. आजादी के पहले भारत में राजनीति और मीडिया का सामंजस्य इतिहास में दर्ज है, जो अब दिखाई नहीं देता. मीडिया जनहित का संरक्षक है. घटना का साक्षी होता है. मीडिया को जनता के प्रति जवाबदेह होना चाहिए. उन्होंने कहा कि राजनेता मीडिया के लिए रॉ मटेरियल होता है, और होना भी चाहिए. मीडिया में हमेशा राजनीति को लेकर बहस चलती रहती है.

देना होगा हिन्दी को महत्व : विजय दर्डा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लोकमत मीडिया प्रा. लि. के एडिटर-इन-चीफ विजय दर्डा ने कहा कि मीडिया की प्रमुख भूमिका, लोगों के जीवन में सुधार लाना है. देश को जोड.ना है तो हमें हिन्दी को महत्व देना होगा. इसी को ध्यान में रखते हुए मध्यप्रदेश के पहले संस्करण का लोकार्पण छिंदवाड़ा से किया गया है. उन्होंने कहा कि समाज का विकास तभी संभव है जब मीडिया निष्पक्ष होकर कार्य करे. लोकमत हमेशा से किसी पार्टी विशेष का अखबार नहीं रहा है. यह निष्पक्ष होकर काम करता है. उन्होंने कहा कि लोकमत आपकी बात राजनेताओं तक पहुंचाने का एक प्लेटफार्म है. आप इस पत्र के माध्यम से अपनी बात खुलकर रख सकते हैं. उन्होंने छिंदवाड़ा से भव्य लोकार्पण पर सभी छिंदवाड़ावासियों का धन्यवाद भी ज्ञापित किया.

मीडिया व राजनीति को आना होगा आगे : आशुतोष
परिसंवाद के दौरान आईबीएन-7 के मैनेजिंग एडिटर आशुतोष ने कहा कि 1950 के बाद देश में तेजी के साथ बदलाव आया है. यह सिर्फ टेक्नालॉजी की बदौलत नहीं बल्कि लोगों की सोच के कारण संभव हो पाया है. उन्होंने कहा कि भारतीय समाज परिपक्व हो गया है. आमजन को पता है कि कौन सही है, कौन गलत. मीडिया और राजनीति बदलते समाज के हिसाब से अब भी बहुत पीछे हैं. आज जरूरत है कि मीडिया और राजनीति दोनों आम लोगों को समझें कि आखिर वे क्या चाहते हैं. उन्होंने पेड न्यूज के संबंध में कहा कि मीडिया में आए दिन पेड न्यूज के बारे में सवाल खड़े होते हैं. इसके लिए पेड न्यूजदाता भी जिम्मेदार हैं.

आम आदमी से नहीं है जुड़ाव : पुण्यप्रसून वाजपेयी
परिसंवाद में 'आज तक' के कार्यकारी संपादक पुण्यप्रसून वाजपेयी ने कहा कि छिंदवाड़ा की अपनी दुनिया है. आज सरोकार की राजनीति खत्म हो चुकी है. राजनेताओं का आम आदमी से जुड़ाव नहीं रहा है. हमेशा से आम आदमी का उपयोग राजनेता करते आए हैं.

साभार- लोकमत समाचार

कोई टिप्पणी नहीं: