गुरुवार, 14 मार्च 2013

छिंदवाड़ा के सौ चेहरों की तलाश...

 'माय छिंदवाड़ा, माय पीपुल्स' की मुहिम 
'माय छिंदवाड़ा, माय पीपुल्स' टीम जल्द ही एक नायाब किताब "छिंदवाड़ा के सौ चेहरे" प्रकाशित करना चाह रही है जिसमें तलाश है छिंदवाड़ा जिले में जन्में, शिक्षा-दीक्षा लिए और फ़िर छिंदवाड़ा से बाहर जाकर देश या विदेश के किसी शहर में जॉब कर रहे सफ़ल प्रोफेशनल लोगों की। इसमें महिला और पुरुष, दोनों ही वर्गों का बराबर प्रतिनिधित्व होगा। अगर आप महसूस करते हैं कि आप हमारे जिले के नौनिहालों को एक राह दिखा सकते है, उन्हें बेहतर करियर चुनने में मदद कर सकते है या किसी भी तरह से प्रेरणा प्रदान कर सकते है तो जल्द संपर्क करिए अपने अपडेटेड प्रोफाइल और फोटो के साथ इस टीम से।
 हर गाँव और शहर की अपनी एक अलग पहचान होती है, उस गाँव और शहर से जुडी हर शख्सियत अपनी माटी की खुश्बू लिये होती है। अपना जिला छिंदवाडा भी है कमाल का, यहाँ के पानी जो दम है, पता नहीं, कहीं इतना हो या न हो। जब-जब छिंदवाडा से जुडे लोगों की उपलब्धियों की सुनाई पडती है, सीना गर्व से चौडा हो जाता है। 
 एक बार छिंदवाडा में किसी परिचर्चा के दौरान पद्मश्री पंडित विश्वंभर्नाथ पाँडे जी का जिक्र हुआ, हद तो तब हो गयी कि मंच पर आसीन नेताजी को पता तक ना था कि ये शख्सियत कौन है? जितने लोग इस वक्त ये जानकारी पढ रहे है, हम दावा कर सकते है, 90% प्रतिशत से ज्यादा लोगों को पता ही नहीं होगा कि पंडित जी हमारे जिले में जन्में, पढाई की और राजनीति से लेकर समाजसेवा, राज्यपाल होने से लेकर पद्मश्री जैसा सम्मान प्राप्त करा। हमारे जिले के लोग ही इन्हे नही जानते। 
मेजर अमित ठेंगे के शहीद होने पर सारा जिला तिरंगे लेकर इस जवान की अंतिम यात्रा में चला। शहीद मॆजर अमित के बारे में कितने अधिकारी/ जिले के लोग जानते थे कि वे फ़ौज में है? क्या कभी किसी स्थानीय संस्था ने शाल और श्रीफ़ल देकर देश सेवा के लिये उन्हें जीते जी धन्यवाद भी दिया? आज हमारे जिले से कितने युवा और जवान देश सेवा के लिये अपनी जान लगाये फ़ौज में काम कर रहे है, कोई नही जानता। शहर में मेजर अमित की प्रतिमा लगा जरूर लगा दी गयी है, लेकिन उनकी देश-भक्ति और देश के लिये मर मिटने का जज्बा हमारे युवाओं में और भी कूट कूट के आता, बशर्ते शहीद मेजर अमित की मुलाकात हमारे जिले के युवाओं से उस वक्त होती जब बो जीवित थे, माँ भारती के सेवा में थे। अच्छा होता जब उनकी मुलाकात यहाँ के युवाओं से हो पाती.. खैर

मुद्दा दरअसल ये है कि हम अपने जिले कि प्रतिभाओं के बारे मे जानते ही नही। "माय छिंदवाडा माय पीपुल्स" जैसे डेटाबेस बनाने का उद्दॆश्य ही यही है कि आप सब लोगों को हमारे जिले के उन लोगों से मिलवाए जो छिंदवाडा के लिये छोटी ही सही, पर एक मिसाल साबित किये है। 
 यहाँ हमारा उद्धेश्य कतई ये नही कि हम इन लोगों को या इनकी उपल्ब्धियों को प्रचार प्रसार करें। उद्देश्य यह है कि छिंदवाडा का युवा ये बात समझे कि वो भी इन ऊचाईयों को पा सकता है जहाँ तक ये तमाम लोग पहुँचे है। जिस जिलें मे आप उत्तम शिक्षा न मिल पाने की दुहाई देते है, अंग्रेजी भाषा बोलने के लिये माहौल न मिलने की बात करते है, ठीक उसी जगह से ये लोग पढ-लिखकर आगे आए है, यहाँ से बाहर निकल आसमाँ चूम लिया, सच ही है, जहाँ चाह होती है, राह भी वहीं होती है। आप सब युवाओं से उम्मीद की जा सकती है कि आप इस डेडाबेस में जिक्र लोगों की प्रोफ़ाईल पढें, आप उनसे कुछ जानकारी लेना चाहें, मार्गदर्शन लेना चाहें, बेशक उनसे संम्पर्क करें या हमें लिखें, हम आपका विचार उन तक जरूर पहुँचा देंगे। 
इन सभी की सारी जानकारी हमारे डेटाबेस www.chhindwara.patalkot.com पर उपलब्ध है।

आखिर क्या है ये तलाश सौ चेहरों की
क्या छिंदवाड़ा की माटी में आपका जन्म हुआ है, क्या आपने अपनी लाईफ़ के कुछ साल छिंदवाडा में बिताये हैं या आपकी शिक्षा-दीक्षा इस जिले में हुयी है? क्या आप छिंदवाड़ा से प्यार करते हैं? और यहाँ के युवाओं के लिए अपनी तरफ़ से कोई मार्गदर्शन के लिए तत्पर हैं?...अपनी माटी और अपने लोगों से आपका लगाव या जुड़ाव है? क्या आप चाहते हैं कि हमारे जिले की नई पीढ़ी के लोग आगे आए और देश-दुनिया में अपना और जिले का नाम रोशन करें? तो आईये जुड जाईये एक अनोखे प्रयास के साथ जिसका नाम है 'माय छिंदवाड़ा, माय पीपुल्स' ..

.'माय छिंदवाड़ा, माय पीपुल्स' टीम जल्द ही एक नायाब किताब "छिंदवाड़ा के सौ चेहरे" प्रकाशित करना चाह रही है जिसमें तलाश है छिंदवाड़ा जिले में जन्में, शिक्षा-दीक्षा लिए और फ़िर छिंदवाड़ा से बाहर जाकर देश या विदेश के किसी शहर में जॉब कर रहे सफ़ल प्रोफेशनल लोगों की। इसमें महिला और पुरुष, दोनों ही वर्गों का बराबर प्रतिनिधित्व होगा। अगर आप महसूस करते हैं कि आप हमारे जिले के नौनिहालों को एक राह दिखा सकते है, उन्हें बेहतर करियर चुनने में मदद कर सकते है या किसी भी तरह से प्रेरणा प्रदान कर सकते है तो जल्द संपर्क करिए अपने अपडेटेड प्रोफाइल और फोटो के साथ इस टीम से। अगर आप ऐसे प्रोफेशनल लोगों के नाम या संपर्क नंबर हैं तो आप हमें ई-मेल या फ़ेसबुक पेज पर बता सकते हैं, हम उन लोगों से संपर्क करेंगे।

कौन होंगे सौ चेहरे
'माय छिंदवाड़ा, माय पीपुल्स' पर ऑनलाइन एडीशन में आप फिलहाल उन 60 से ज्यादा प्रोफेशनल लोगों के प्रोफाइल देख सकते हैं, जो विदेश के कई शहरों में है और हमारे जिले का नाम चमचमा रहें हैं जैसे- आस्ट्रेलिया के सीबीसी रेडियो में राखी बटाविया, लंदन में डॉ. विजय वाघ, अमेरिका के सेन फ्रांसिस्को में अभिनव तिवारी, डॉ. विशाल कोठारी, शारजाह यूनिवर्सिटी में डॉ सेन, भूटान में ललित लोखंडे, मलेशिया में अखिलेश बाँगरे, आस्ट्रेलिया में आकाश राय या फ़िर यूएई में विनय चाँदले आदि। इस ऑनलाइन एडीशन में भारत के प्रमुख शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई, बंगलूरू, अहमदाबाद, सूरत, इंदौर में अलग-अलग क्षेत्रों में कार्यरत छिंदवाडा के तमाम होनहार लोग भी शामिल है जिन्होनें कड़ी मेहनत और लगन के बूते पर आज यह मुकाम हासिल किया है। कठिन परिस्थितियों और कम संसाधनों के बावजूद ये लोग अपने कॅरियर में सफल हुए है। हमें ऐसे ही युवा और वरिष्ठ लोगों के प्रोफाइल चाहिए जो आने वाली पीढ़ी के युवाओं का मागदर्शन और हेल्प करने का इरादा रखते हो।

छिंदवाड़ा के कई बड़े नाम आज विश्व के फलक पर चमक रहे हैं। इनमें वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार विष्‍णु खरे, दूरदर्शन के महानिदेशक लीलाधर मंडलोई, बॉलीवुड के आर्ट डायरेक्टर अजय देशमुख, टीवी चैनलों के जाने माने नाम एंकर दिनेश गौतम, संगीतकार शिव राजोरिया, गज़ल गायक रवि नासेरी, डी आर डी ओ के डायरेक्टर पी आर बघेल, प्रोफ़ेसर महेन्द्र राय जैसे कई नाम शामिल हैं।

क्या है किताब का मकसद?
इस किताब का मकसद है, स्कूली बच्चों को अपने कॅरियर की प्लानिंग और मार्गदर्शन उपलब्‍ध कराना। स्कूली बच्चे उन सौ लोगों से फोन, ई-मेल से संपर्क कर सकते हैं। 'माय छिंदवाड़ा, माय पीपुल्स' टीम के द्वारा तैयार की जा रही सौ प्रोफेशनल लोगों के प्रोफाइल वाली किताब को जिले के ग्रामीण और शहरी स्कूलों के बच्चों को निशुल्क वितरित किया जाएगा ताकि हमारी नई पीढ़ी के बच्चों को इन धुरंधरों से कुछ प्रेरणा मिल सकें। इस किताब का मकसद यह कदापि नहीं है कि हमारी टीम उन सौ लोगों को महान या सर्वश्रेष्ठ होने का खिताब दे रही है, लेकिन यह जरूर बताने का प्रयास किया जा रहा है कि विपरीत परिस्थितीयों में, शिक्षण व्यवस्था को बगैर कोसे, संसाधनों की कमी का जिक्र किए इन लोगों ने एक मुकाम हासिल किया है, ये हमारे प्रेरणा स्रोत हैं।

आप कैसे कर सकते हैं मदद
अगर आप है हमारे सौ चेहरे तो जल्द भेजिए अपना अपडेट प्रोफाइल फोटो के साथ। अगर आपके पास है उन प्रोफेशनल लोगों के नाम या नंबर है, तो आप हमें ई-मेल या फोन पर बता सकते हैं। हम उन लोगों से संपर्क करेंगे या आप किसी ऐसी शख्सियत को जानते है, जिसे यहाँ फ़ीचर किया जाए, हमारी मदद करें, जो छिंदवाडा की एक प्रतिभा हो, या अपने क्षेत्र में अच्छा काम कर रहे, और छिंदवाडा से बाहर रह रहें है, हम तक उनकी जानकारी, संपर्क जानकारी आदि जरूर दें।

देखिए तमाम प्रफ़ाईल्स को  www.chhindwara.patalkot.com पर या ईमेल करें chhindwara@gmail.com पर..य़ा जुडे इस पेज से फ़ेसबुक पर https://www.facebook.com/pages/My-Chhindwara-My-People/127991423917653?ref=hl

आपके विचार आमंत्रित है..

धन्यवाद
टीम ~ My Chhindwara My People