सोमवार, 21 फ़रवरी 2011

अनिल करमेले जी की कविता : कहाँ है छिन्दवाड़ा ?

मुंबई इलाहाबाद जयपुर हैदराबाद कलकत्ता में
कितनी बार पूछा लोगों ने - कहाँ है छिन्दवाड़ा ?

और फिर ख़ुद ही कहते-
अच्छा वही न जहाँ से पार्लियामेंट में....

और मैं हर बार डूबता शर्म से
लोग कहते नहीं अघाते क्या से क्या हो गया शहर

हाँ सचमुच क्या से क्या हो गया यह शहर !
गोंडवाना के सिपहसालारों

क्या पहचान बनी है इस छिन्दवाड़ा की।

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