सोमवार, 10 जनवरी 2011

छिंदवाड़ा मतलब छिंदवाड़ा

छिंदवाड़ा की क्या पहचान... छिंदवाड़ा की कौन सी
बात आपको अच्छी लगती है। कुछ लिखिए छिंदवाड़ा के बारे में। छिंदवाड़ा छवि की विशेष
पेशकश ...छिंदवाड़ा मतलब... कमलनाथ नहीं। छिंदवाड़ा मतलब छिंदवाड़ा। खास आपके सहयोग
से।

(यहां हम न तो कमलनाथ जी के योगदान, उपलब्धियों को कम कर रहे हैं। न तो उस विषय पर चर्चा कर रहे हैं कि छिंदवाड़ा से कमलनाथ बने, या कमलनाथ से आज का छिंदवाड़ा। यह अलग बहस, चर्चा का विषय हो सकता है। लेकिन हम यहां इस विषय पर बात नहीं करेंगे। हम यहां बात करने जा रहे हैं। भारत के ह़दय प्रदेश यानी मध्यप्रदेश के उस खूबसूरत जिले और शहर छिंदवाड़ा की। जो क्षेत्रफल की दृष्टि से प्रदेश में सबसे बड़ा है। उस जिले की उन महान शख्सियतों के बारे में। जिनके कारण छिंदवाड़ा की एक खास पहचान है। हम कुछ चुनिंदा पर्यटन, ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों की भी हम चर्चा करेंगे। साथ ही हम आज की न्यू जनरेशन यानी यूथ के बारे में भी चर्चा करेंगे, जो देश के तमाम शहरों और विदेशों में अपनी पहचान बनाने में जुटी हैं। साथ ही अपनी माटी छिंदवाड़ा को भी पहचान दिलाने का प्रयास कर रहे हैं।)

सवाल- कहां के रहने वाले हो? जवाब- छिंदवाड़ा। फिर सवाल - छिंदवाड़ा कहां? जवाब- छिंदवाड़ा (मध्यप्रदेश)। अच्छा-अच्छा कमलनाथ का छिंदवाड़ा।छिंदवाड़ा वालों को अक्सर ऐसे ही सवालों से दो चार होना पड़ता है। मेरे साथ भी यही वाकया पेश आता है। कुछ लोग समझते हैं कि छिंदवाड़ा छत्तीसगढ़ में है। ऐसा मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ के बाहर किसी शहर में रहते हुए सुनने को मिलता है। पिछले तीन सालों से मैं दिल्ली में हूँ। यहां अक्सर छिंदवाड़ा को लेकर यही बात होती रहती है। खैंर...।

अब बात। कमलनाथ का छिंदवाड़ा की...। तो छिंदवाड़ा कमलनाथ का नहीं है। न ही कमलनाथ छिंदवाड़ा के। छिंदवाड़ा मतलब... कमलनाथ नहीं है। छिंदवाड़ा मतलब छिंदवाड़ा होता है। कमलनाथ का जन्म १८ नवंबर, १९४६ को कानपुर, उत्तर प्रदेश में हुआ। दून स्कूल में उनका एजूकेशन हुआ। बाद में उन्होंने कोलकाता के सेंट जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएशन किया। कमलनाथ छिंदवाड़ा के सांसद और छिंदवाड़ा से मंत्री है। इसलिए लोगों को छिंदवाड़ा मतलब कमलनाथ ही याद आता है।

देश में कई जिले हैं। सभी जिलों का नाम सबको याद हो ये जरूरी भी नहीं है। फिर किसी जिले या शहर को अपनी राष्ट्रीय और विश्वव्यापी पहचान बनाने में काफी वक्त लगता है।

वापस कमलनाथ पर आते हैं। यहां यह बताना लाजिमी होगा कि कमलनाथ को पूर्व प्रधानमंत्री स्व। इंदिरा गांधी छिंदवाड़ा लेकर आई थी। छिंदवाड़ा के शुक्ला ग्राउंड (मौजूदा इंदिरा गांधी स्टेडियम) में कमलनाथ को जनता से रूबरू कराया गया था। ये सन १९७९ की बात है। उस समय इंदिरा गांधी ने कमलनाथ को तीसरा बेटा कहा था। कमलनाथ पहली बार ७ वीं लोकसभा के लिए छिंदवाड़ा से सांसद चुने गए थे। इसके बाद वे लगातार वहां से सांसद चुने जाते रहे है।

पंखा वाले बाबा-

कमलनाथ को छिंदवाड़ा में 'पंखा वाले बाबा' के नाम से जाना जाता है। क्योंकि कमलनाथ अपने हेलिकॉप्टर से जिले के दूर-दराज इलाकों में आसानी से पहुंच जाते हैं। कांग्रेस पार्टी की ओर से कमलनाथ तीन दशक से छिंदवाड़ा का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इस दौरान उन्हें एक-दो बार ही हार का मुंह देखना पड़ा होगा।

2 टिप्‍पणियां:

लीलाधर मंडलोई ने कहा…

प्रिय डोगरे
छिंदवाडा छवि.ब्‍लॉग पढा अपनी जमीन से जुडना सदा अच्‍छा अनुभव देता है. इस ब्‍लॉग को आगे विकसित करने में सभी छिदवाडा वासियों को सहयोग करना चाहिए. छिदवाडा के जीवन के विविध आयामों और छवियों को शब्‍द के अलावा चिञों से भी संवारे. इसमें वहां के प्रमुख आयोजनों और प्रसंगों को स्‍थान दें. मेरी शुभकामनाएं
लीलाधर मंडलोई

संजय भास्कर ने कहा…

इस ब्‍लॉग को आगे विकसित करने में सभी छिदवाडा वासियों को सहयोग करना चाहिए.