मंगलवार, 20 जुलाई 2010

याद करो कुर्बानी..जब तक न लौंटू यूनिट का ख्याल रखना

जम्मू. जब तक वापस लौटूं यूनिट का ख्याल रखना। अब कब तक उसका इंतजार करेंगे। मुंह से भले कुछ न बोलें, लेकिन कर्नल राजीव तुली के चेहरे से यह गम साफ झलक रहा था। 20 मार्च, 2010 को जम्मू स्थित अपनी यूनिट से राजौरी जाते वक्त कुछ यही मैसेज मेंढर में मंगलवार को शहीद हुए मेजर अमितकुमार ठिंगे ने मैसेज बुक में लिखा था।

परंपरा के अनुसार हर ऑफिसर यूनिट से जाते वक्त मैसेज लिखता है, साथ ही अपना अगला पता भी। मेजर अमित ने इस मैसेज के साथ अपना एड्रेस लिखा था- भारतीय सेना। जो अपने आप में बाकी जवानों के लिए प्रेरणा का काम करेगा। यह कहना है अमित के पहले कमांडिंग ऑफिसर कर्नल राजीव तुली का।


नागपुर में जन्म, भोपाल में पढ़ाई
रक्षा प्रवक्ता ले. कर्नल बिप्लव नाथ ने बताया कि मेजर अमितकुमार ठिंगे का जन्म 19 अप्रैल, 1982 में नागपुर के महाराष्ट्रीयन परिवार में हुआ था। हालांकि उनके माता-पिता बाद में मप्र के छिंदवाड़ा आ गए थे। अमित ने भोपाल के एलएनसीटी कॉलेज से इंजीनियरिंग किया था, जिसके बाद तमाम नौकरियों को नकार वह सेना में आ गए थे। 2007 में सेना में कमीशन होने के बाद 2010 में वह राष्ट्रीय राइफल्स में चले गए।


जोखिम उठाने की जिद करता था
अमित के कंपनी कमांडर ले. कर्नल एचएस संधू के मुताबिक यूं तो मेजर अमित टेक्निकल एंट्री से सेना में भर्ती हुए थे जहां वह बिना दुश्मन से सीधा संपर्क बनाए डच्यूटी कर सकते थे, लेकिन वह हमेशा कमांडिंग ऑफिसर से जिद करते थे कि उन्हें पैरा कमांडो ट्रेनिंग के लिए भेजा जाए, ताकि वह दुश्मन से सीधा लौहा ले सकें।

बाइकिंग के शौकीन थे अमित सर
अमित के जूनियर कैप्टन प्रलय के अनुसार उन्हें आज भी यूनिट में वह पहला दिन याद है, जब उन्होंने मेजर अमित के साथ रूम शेयर किया था। प्रलय के अनुसार मेजर बाइकिंग के बेहद शौकीन थे और उन्होंने अपनी थंडरबर्ड बाइक का नाम ‘एक्सट्रीम मशीन’ रखा था।

कारगिल शहीदों की तरह है
शहीद मेजर अमित ठिंगे के दोस्तों ने भास्कर के साथ यादें बांटते हुए कहा अमित कारगिल शहीदों की तरह ही था। वह युवा अफसरों के लिए मिसाल था। अमित के यूनिट के साथी मेजर हरप्रीत सिंह के अनुसार उनके दोस्त में जोश, जज्बा और देशभक्ति कूट-कूट कर भरी थी। उसे गाना पसंद था। हंसमुख स्वभाव के चलते वह हर किसी को अपना बना लेता था।

छिंदवाड़ा में होगा अंतिम संस्कार
गुरुवार सुबह जम्मू में शहीद मेजर अमित को श्रद्धांजलि दी जाएगी। इसके बाद कैप्टन प्रलय उनके शव को विमान द्वारा जम्मू से नागपुर ले जाएंगे। वहां से सड़क मार्ग से पार्थिव शरीर छिंदवाड़ा ले जाया जाएगा। शुक्रवार को सैन्य सम्मान के साथ वहां उनका अंतिम संस्कार होगा।

1 टिप्पणी:

harvinder singh ने कहा…

• Today is the First Death anniversary of Shaeed AMIT THENGE ...My Tribute to Amit Thenge !!! - We will Miss you

LET’S PAY TRIBUTE TO HIM