शनिवार, 8 मई 2010

जातीय जनगणना की मांग जायज : प्रणब

एजेंसी
छिंदवाड़ा। वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने देश में जाति आधारित जनगणना की मांग को जायज ठहराया है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद इसे रोका जाना उचित नहीं था। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता से पहले सन १९३१ में जाति आधारित जनगणना हुई थी, इसके बाद जब आजादी मिली तो जनगणना में जातियों की गिनती बंद कर दी गई। मुखर्जी ने कहा कि इसे जारी रखना चाहिए था, मगर ऐसा हो नहीं सका। अब यूपीए सरकार इस दिशा में पहल कर रही है।

प्रणब यहां भूतल परिवहन मंत्री कमलनाथ के लोकसभा क्षेत्र में आयोजित लोन मेले में शामिल होने आए थे। महिला आरक्षण विधेयक मुद्दे पर उन्होंने कहा कि इस पर संसद के अगले सत्र में चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने टर्न ओवर टैक्स की सीमा को ४० लाख से ६० लाख रुपये कर दिया है, इससे पहले उनकी ही ओर से १९८४ में इसे ४० रुपये लाख किया गया था। बीच में किसी ने भी इस बारे में नहीं सोचा। इस मौके पर कमलनाथ ने खुद को राजनीति में लाने का श्रेय मुखर्जी को दिया।

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