शनिवार, 29 अगस्त 2009

मैं और मेरी लाइफ के कुछ लम्हें ...

मैं और मेरी लाइफ के कुछ लम्हें ...

मैं जो कुछ भी लिख रहा हूं, हो सकता है कि मैं अपने अनुभवों के साथ सही नहीं हूं। या हर एक के साथ वैसा नहीं हुआ है, पर मेरे साथ तो वैसा ही है...

मैंने जो आंखों से देखा है जो महसूस किया है, मैं उन पलों को लिख रहा हूं। मैं समझता हूं, हर एक कामयाब इंसान के पीछे उसकी पर्सनल लाइफ से किए हुए समझौते होते हैं जो वे अपनी पूरी जिंदगी में बहुत कुछ खोकर हासिल करता है। कभी अपनी पर्सनल इच्छाओं को मारकर, कभी अपनी फैमिली से दूर होकर, कभी तकलीफें उठाकर, न जाने कितने समझौते करता है। पर जब हम उस इंसान को देखते हैं तो वो ऑलवेज हैप्पी नजर आता है। और कामयाबियों की सीढ़ी चढ़ता नजर आता है। दरअसल आप जो देख रहे हैं असल तो उसके चेहरे के पीछे छुपी हुई, उसकी दी हुई कुर्बानिया की दास्तां है। इसीलिए जिसने भी कहा है, क्या खूब कहा है...


कुछ खोकर पाना है, कुछ पाकर खोना है। जीवन का यही मतलब है, आना और जाना है

हर सक्सेसफुल पर्सन मेरे नजरिए से बहुत इमोशनल होता है। मेरी पर्सनल लाइफ में मुझे यह सीखने को मिला और उस समय मेरी ऐज कम थी, वैसा सभी के साथ नहीं होता। वे बहुत कम खुशनसीब होते है जो जिंदगी की अच्छाई को जल्द ही सामने देख लेते हैं। ये सब खुदा की दी हुई दौलत है। जब वो किसी को दी हुई जिंदगी की असलियत दिखाना चाहे तो वैसे ही दिखाता है।

मेरे साथ जिंदगी में हुए कुछ अनुभव सारी हकीकत को सामने लाकर रख देते है। जिस एक्सपेरियंस को मैं लिखने जा रहा हूँ, उसका टाईटल मैं "वॉट इज लाइफं" दे रहा हूँ ।

अगर हम इस सवाल "वॉट इज लाइफं" का जवाब किसी भी नॉर्मल पर्सन से पूछे तो वो इसका जवाब शायद ही सही दे पाए। क्योंकि इस सवाल के जवाब को हम शब्दों में नहीं समेट सकते। पर मैं इस सवाल केजवाब को सच्चे उदाहरण के जरिए देने की कोशिश कर रहा हूं।

ये उस समय की बात है जब मैं मुंबई पहली बार गया था। मेरे एक प्रेरणा स्त्रोत जिनकी वजह से मुझे सफलता मिली, वो मेरी ही कंपनी में सीनियर जनरल मैंनेजर के रूप में काम करते थे। बहुत ही परपेक्ट पर्सनॉलिटी, स्मार्ट, अटरेक्टिव पर्सन, कॉपरेटिव नेचर, कंपनी में सबसे अच्छी पोजिशन। शॉट में कहें तो बहुमुखी प्रतिभा केधनी आदमी। जिन्हें मैंने हमेशा मुस्कुराता और मस्ती करते हुए देखा था। और सबसे खास क्वजियो और जीने दों जैसी प्रतिभा के धनी उस महान इंसान की आंखों में मैंने कभी नमी नहीं देखी थी। वैसे इंसान को देखकर कोई भी यही कह सकता है कि इन्हें सब मिल गया पर...

हम यह कभी नहीं सोचते कि उन्होंने यहां तक पहुंचने के लिए, इन सब कामयाबियों को हासिल करने केलिए कितनी कुबाüनियां दी है... इस बात का अंदाजा कोई नार्मल सोच वाला नहीं लगा सकता है। उनके साथ मेरी छह या सात मुलाकात एक साल में बस दुआ-सलाम तक ही सीमित रही। जब उन्होंने कंपनी से रीजाइन दिया और मैं लास्ट डे उनसे मिलने उनके केबिन में गया और बात की। तो उन्होंने कहा, "कहो आज मैं जा रहा हूं" मेरी जुबान से वर्ड नहीं निकल रहे थे। मैंने कहा, सर मैं आप जैसा बनना चाहता हूं, यू आर माई आइडल पर्सन एंड आल्सो आई एम वेरी मच इम्प्रेस टू यूअर एटीट्यूट एंड सो ऑन।

उनकी आंखों से आंसू झलक पड़े और उन्होंने कहा, बेटा वॉट इज दिस। (हम जैसे आम इंसान की सोच यहां आकर खत्म हो जाती है) कि इतने अच्छे इंसान की आंखों में आंसू, जिसने अपनी पूरी जिंदगी खुलकर जिया है, जिसके जैसा बनने की मुझ जैसे छोटे इंसान की तमन्ना थी। उन्होंने कहा, मुझ जैसा कभी मत बनना। मैंने कहा, सॉरी सर मैंने आपके दिल को तकलीफ दी है।

... बेटा मेरे जैसा इंसान बनने तक आदमी बहुत कुछ खो देता है और इतना दूर निकल जाता है कि वापस आने का रास्ता ही नहीं सूझता और दिखाई देता।

उन्होंने कहा, बेटा बेस्ट ऑफ लक, मैं खुदा से तुम्हारे लिए दुआ करूंगा कि तुम एक बेहतरीन इंसान बनो और गले लगा लिया। बस मैं उस पल को छोड़कर जब घर आया तो इतना दुखी हुआ कि रात भर सो न सका, सोचता रहा कि मैंने बहुत ही इमोशनल इंसान का दिल दुखाया है।

हम लोग बस यहीं तक सोच सकते हैं पर जिंदगी की हकीकत यही है। जिंदगी हमेशा कुछ खोकर पाने का नाम है।

" जीने के लिए सोचा ही नहीं दर्द सँभालने होंगे, मुस्कुराए तो मुस्कुराने के कर्ज उतारने होंगे, मुस्कुराए तो कभी लगता है, जैसे होंठों पे कर्ज रक्खा रखा है।

मैंने इन सभी बातों से बहुत कुछ सीखा, हमें सिर्फ एक अच्छा इंसान बनना है, हमें अच्छे काम करना है ताकि दुनिया हमें हमारे ही नाम से जा सके।

अपने दर्द को छुपा लो, तुमने जो खोया है उसे दबा ले और आगे बढ़ जाओ ताकि तुम्हारे नक्शे कदम पर भी कोई चलने की प्रेरणा ले, तुम भी किसी केलिए आइडल बनो।

वो इंसान कल भी मेरे लिए आइडल थे, आज भी है और हमेशा रहेंगे और मैं उन जैसा बनने की पूरी कोशिश करूंगा...

आपका अरशद अली

1 टिप्पणी:

mahendra rai ने कहा…

sir chhindwara ki chhavi ke nam se apne sahar ke bare main jankari dene ka nayab tarika bahut achha hai ..................