शुक्रवार, 1 अगस्त 2008

हमारे छिंदवाड़ा को किसकी नज़र लगी

हमारे छिंदवाड़ा को किसकी नज़र लगी

छिंदवाड़ा यूँ तो शांत शहर और जिला है ... बस इसीलिये वहां बड़ी घटनाये नहीं होती ...
अपने शहर से दूर देश की राजधानी दिल्ली में छिंदवाड़ा की खबरे कभी देखने को नहीं मिलती
... और आज जब देखने में आ रही तो
... बच्चे की मौत... बच्चे की मौत .
छिंदवाड़ा के संत आसाराम बापू गुरुकुल आश्रम में फिर एक बच्चे मौत
... सारे चैनल - अखबार ...बच्चों की मौत की खबरों से भरे पड़े है ...

पहले रामकृष्ण ... और अब वेदांत काल के गाल में समा गए
...एक तीसरा बच्चा विशाल... निजी अस्पताल में भर्ती है ....

छिंदवाड़ा में पिछले 36 घंटों में दो बच्चों की मौत हो चुकी है।

घटना के बाद लोगों में रोष है ...
पालकों में दहशत है .... और वे अपने बच्चों को आश्रम से ले जा रहे हैं।

पालकों का कहना है कि वे अब किसी भी कीमत पर अपने बच्चों को आश्रम में नहीं छोड़ सकते।
आश्रम की योग वेदांत सेवा समिति के अध्यक्ष ने 7-8 दिन के लिए आश्रम बंद करने की सिफारिश की है ताकि घटना की निष्पक्ष जांच हो सके। उन्होंने शक जाहिर किया कि घटना के पीछे कोई बाहरी तत्व हो सकता है।

बाहरी तत्व ...

जिस तरह से दोनों मौत हुई है ...
वे कुछ संदेह तो पैदा करती है ...
कौन है वे लोग जो छिंदवाड़ा की छवि को ख़राब करना चाहते है
...हमारे छिंदवाड़ा को आख़िर किसकी नज़र लग गई ....

2 टिप्‍पणियां:

छत्तीसगढिया .. Sanjeeva Tiwari ने कहा…

स्‍वागत ...........


ये वर्ड वेरीफिकेशन हटा लें तो ज्‍यादा अच्‍छा था ।

Amit K. Sagar ने कहा…

सचमुच निंदनीय है.