शुक्रवार, 6 जून 2008

चुनावी वर्ष में छिंदवाड़ा संभाग अस्तित्व में आ जाएगा।

छिंदवाड़ा संभाग बनाने पर विरोध


पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल -----


प्रशासनिक और भौगोलिक दृष्टि से छिंदवाड़ा को संभाग बनाने का औचित्य नहीं है। अगर संभाग बनाना है तो सिवनी को बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक केंद्रीय मंत्री को खुश करने के लिए ही छिंदवाड़ा को संभाग बनाया जा रहा है।


सत्तापक्ष और विपक्ष के विरोध के बावजूद सीएम अपनी 8 मार्च 08 की घोषणा पर अमल कराना चाहते है। उन्होंने इस बारे में तैयार प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगा दी है। बताया जाता है कि छिंदवाड़ा संभाग के गठन संबंधी प्रारंभिक अधिसूचना दो चार दिन में जारी होने की संभावना है। इसके बाद सबकुछ सामान्य रहा तो चुनावी वर्ष में छिंदवाड़ा संभाग अस्तित्व में आ जाएगा।


गणोश साकल्ले

Tuesday, May 27, 2008 01:35 [IST]


भोपाल. भाजपा नेताओं के आंतरिक विरोधों के बावजूद सरकार छिंदवाड़ा संभाग के गठन की अधिसूचना शीघ्र जारी करने जा रही है। सत्ता पक्ष से जुड़े महाकौशल के कुछ नेताओं ने छिंदवाड़ा को संभाग बनाने के बजाय सिवनी को संभागीय मुख्यालय बनाने की बात पार्टी फोरम पर उठाई है। इससे इस मुद्दे पर पार्टी में विवाद की स्थिति बनी हुई है। दूसरी तरफ शहडोल संभाग के गठन की सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई है। किसी भी दिन शहडोल संभाग का शुभारंभ हो जाएगा। इन दोनों संभागों में कमिश्नर बनने के लिए आईएएस अफसरों ने गोटियां बैठानी शुरू कर दी हैं। छिंदवाड़ा के लिए हाल ही में आबकारी आयुक्त बने अरुण पांडे का नाम चला था।


सूत्रों के मुताबिक सिवनी और बालाघाट के कतिपय भाजपा नेता पार्टी फोरम पर छिंदवाड़ा को संभाग बनाने के खिलाफ अपनी नाराजगी जता चुके है। इनमें मुख्यरूप से सिवनी की सांसद नीता पटैरिया और बालाघाट के सांसद गौरीशंकर बिसेन समेत इन जिलों के कई विधायक शामिल है। इतना ही नहीं कुछ भाजपा नेताओं ने तो मुख्यमंत्री को अपनी भावनाओं से भी अवगत करा दिया है।


किन्तु दैनिक भास्कर से चर्चा में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने मंजूर किया कि विरोध है और कुछ भाजपा नेताओं ने उनसे मलाकात कर अपनी पीड़ा उन्हें बताई है। इस समस्या का उन्होंने मुख्यमंत्री से चर्चा कर समाधान करने का उन्हें भरोसा दिलाया है।


दूसरी तरफ पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल का कहना है कि प्रशासनिक और भौगोलिक दृष्टि से छिंदवाड़ा को संभाग बनाने का औचित्य नहीं है। अगर संभाग बनाना है तो सिवनी को बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक केंद्रीय मंत्री को खुश करने के लिए ही छिंदवाड़ा को संभाग बनाया जा रहा है। सत्तापक्ष और विपक्ष के विरोध के बावजूद सीएम अपनी 8 मार्च 08 की घोषणा पर अमल कराना चाहते है। उन्होंने इस बारे में तैयार प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगा दी है। बताया जाता है कि छिंदवाड़ा संभाग के गठन संबंधी प्रारंभिक अधिसूचना दो चार दिन में जारी होने की संभावना है। इसके बाद सबकुछ सामान्य रहा तो चुनावी वर्ष में छिंदवाड़ा संभाग अस्तित्व में आ जाएगा।


शहडोल संभाग के गठन की सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। सीएम जिस दिन शहडोल जिले के प्रवास पर जाएंगे,संभवत: उसी दिन इस संभाग का शुभारंभ हो जाए। अंतिम अधिसूचना का प्रारुप भी तैयार कर लिया गया है,उसमें तारीख डालकर जारी करने का इंतजार है।


होशंगाबाद संभाग में बैतूल शामिल किया जाएगा-तवा बांध और उसकी नहरें तैयार करने की दृष्टि से होशंगाबाद संभाग बनाया गया था,लेकिन इसमें इकलौता होशंगाबाद जिला ही शामिल था, लेकिन कांग्रेस शासनकाल में होशंगाबाद से हरदा जिला अलग बनाने के बाद मात्र दो जिलों का यह संभाग बना रहा। अब इसमें बैतूल जिले को भी शामिल किया जा रहा है। इसके बाद इस संभाग का नाम बदलकर नर्मदा पुरम किया जाएगा।


इस बारे में भी प्रारंभिक अधिसूचना दो चार दिन में जारी होने की संभावना है। सीएम ने पिछले दिनों होशंगाबाद भ्रमण के दौरान होशंगाबाद संभाग में बैतूल जिले को शामिल कर इसका नाम नर्मदा पुरम करने की घोषणा की थी। संभाग भले ही होशंगाबाद हो,लेकिन इसका दफ्तर भोपाल में ही है और भोपाल कमिश्नर ही होशंगाबाद कमिश्नर रहते आए है। नए सिरे से संभाग के अस्तित्व में आने के बाद इसका कार्यालय भी होशंगाबाद में ही लगने और वहां अलग से कमिश्नर पदस्थ होने के आसार है।


http://www.bhaskar.com/2008/05/27/0805270138_bhopal.html

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