मंगलवार, 17 जून 2008

जैव विविधता की दृष्टि से समृद्ध क्षेत्र पातालकोट घाटी




जैव विविधता की दृष्टि से समृद्ध क्षेत्र पातालकोट घाटी


पठार की ऊंचाई से 300-400 मी0गहराई में बसी हुई पातालकोट घाटी से
नर्मदा की सहायक दूधी नदी निकलती है।

विश्व प्रकृति निधि ने इस पारिस्थितिक अंचल को संकटापन्न की श्रेणी में रखा है ।

छिंदवाडा जिले में स्थित पातालकोट घाटी जैव विविधता की दृष्टि से नर्मदाघाटी का दूसरा अति समृद्ध क्षेत्र है । पठार की ऊंचाई से 300-400 मी0गहराई में बसी हुई पातालकोट घाटी से नर्मदा की सहायक दूधी नदी निकलती है। यहाँ साल, सागौन और मिश्रित तीनों प्रकार के वन पाए जाते हैं जिनमें 83वनस्पतिक कुलों की 265 से अधिक औषधीय प्रजातियाँ मिलती हैं ।

विश्व प्रकृति निधि द्वारा संवेदनशील पारिसिथतिक अंचलों के वर्गीकरण में नर्मदाघाटी शुष्क पर्णपाती वन को एक विशिष्ट पहचान देते हुए इको रीजन कोड 0207आवंटित किया गया है । यह क्षेत्र रोजर्स और पवार (1988) द्वारा दिए गएजैविक-भू वर्गीकरण के जैवीय अंचल 6ई-सेन्ट्रल हाईलैण्ड्स से मिलता-जुलताहै । उत्तर में विन्ध्य और दक्षिण में सतपुडा पर्वत श्रेणियों से घिरे500 वर्ग कि0मी0 से भी अधिक क्षेत्र में फैले इस अंचल को बाघ संरक्षण कीदृष्टि से अत्यंन्त महत्वपूर्ण क्षेत्र माना गया है ।

इस क्षेत्र में स्तनधारी वर्ग के वन्य प्रााणियों की 76 प्रजातियाँ पाई जाती हैं जिनमेंबाघ, गौर (बॉयसन), जंगली कृष्णमृग आदि सम्मिलित हैं। यहां 276 प्रजातियोंके पक्षी भी मिलते हैं । इसके अतिरिक्त यहाँ सरीसृपों कीटों व अन्य जलीयव स्थलीय प्राणियों की प्रचुर विविधता है ।

विश्व प्रकृति निधि ने इस पारिस्थितिक अंचल को संकटापन्न की श्रेणी में रखा है । इस अंचल मेंविशेषकर सतपुडा पर्वत श्रेणी के वनों में वन्य जैव विविधता की भरमार है ।यह पूरा क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य, वनस्पतियों वन्य प्राणियों और खनिजोंकी अपार संपदा से भरा पडा है । जैविक विविधता से परिपूर्ण सतपुडा तथाविन्ध पर्वत श्रृंखलाओं के पहाड नर्मदा घाटी को न केवल प्राकृतिक ऐश्वर्यबल्कि समृद्धि और पर्यावरणीय सुरक्षा भी प्रदान करते हैं । वन्य जन्तुओंकी दृष्टि से भी यह पूरा अंचल काफी समृद्ध है । जूलाजिकल सर्वे ऑफइण्डिया के मध्य अंचल कार्यालय जबलपुर द्वारा नर्मदा घाटी में पाये जानेवाले कशेरूकीय प्राणियों की प्रजातियों की संख्या के संबंध में विशेष रूपसे दी गई जानकारी निम्न है ।

http://www.narmadasamagra.org/Bio-diversity

कमलनाथ को भेंट किए धनुष-बाण

02 Feb, 2008, त/">http://www.rajexpress.in
ामिया के पातालकोट के पास बसे कौडिया गांव के मार्डन विलेज परिवार नेकेन्द्रीय मंत्री कमलनाथ को पातालकोट के प्रतीक के रूप में धनुष बाण भेंटकिए। उनके गांव पहुचने पर ग्रामीणों ने परंपरागत आदिवासी नृत्य से उनकास्वागत किया। वही मार्डन विलेज परिवार संस्था के ओम प्रकाश श्रीवास्तव,भारती पतलु, आनंद नीखरा, अजब लाल, विश्राम एवं अन्य सदस्यों ने उन्हेधनुष बाण भेंट किया।

1 टिप्पणी:

Udan Tashtari ने कहा…

वाह, पुराने दिन याद आ गये जब हम पातालकोट गये थे. आभार.