रविवार, 25 मई 2008

छिन्दवाडा शहर की खूबियां दिखाती छवियां - //1//







3 टिप्‍पणियां:

RAVI MANKAR ने कहा…

कहे जाते हैं। सतपुड़ांचल की हरी-
भरी वादियों में बसे मठों के मठाधीश बाबा मठार
देव के चमत्कार जग जाहिर हैं। बैतूल जिले
का प्रमुख औद्योगिक नगर सारनी देश-प्रदेश
में सतपुड़ा ताप बिजली घर के रूप में
जाना जाता है। यह नगर सतपुड़ा की हरी-
भरी वादियों के बीच इटारसी-नागपुर रेल मार्ग
के घोड़ाडोंगरी रेल्वे स्टेशन से 18
किमी की दूरी तथा राष्टï्रीय राजमार्ग
की मुख्य सड़क के बरेठा ग्राम से 32
किमी की दूरी पर स्थित है। इस
सतपुड़ा की सुरम्य पर्वत माला में 3028 फीट
की ऊंचाई पर श्री-श्री 1008 बाबा मठारदेव
महाराज का मंदिर बना है। किदवंती कथाओं के
अनुसार समूचे मध्यप्रदेश एवं महाराष्टï्र के
असंख्य श्रद्घालू भक्तों की आस्था के
प्रतीक श्री श्री 1008 बाबा मठारदेव ने 300
वर्ष पूर्व इस शिखर पर तप किया था।
ऐसी मान्यता है कि तीन शताब्दी पूर्व
बरेठा बाबा, बागदेव बाबा तथा मठारदेव
बाबा नामक तीन चमत्कारी संत पुरूष भगवान
शिव के उपासक के रूप में प्रसिद्घ थे।
बाबा मठारदेव के तप बल के प्रताप से ही बीते
कई सालों से क्षेत्र के लोगों का जीवन
खुशहाल एवं संपन्न है। बाबा की पहाड़ी के नीचे
कल-कल कर बहती तवा नदी के किनारे
बना सारनी ताप बिजली घर एवं प्रचुर मात्रा में
जमीन के गर्भ में छुपी पाथाखेड़ा की 8
कोयला खदानों में से निकलने
वाला कोयला बाबा के चमत्कार की देन है।
मौजूदा दौर में सारनी ताप बिजली घर में
बिजली का विपुल कीर्तिमान उत्पादन और
पाथाखेड़ा की खदानों को मिलने वाले पुरूस्कार
बाबा के आशिर्वाद का प्रसाद मानते हैं।
बाबा के चमत्कार के कारण उनके
अनुयायी विभिन्न धर्म, संप्रदाय
तथा आचार-विचार के बाद भी बाबा के दरबार
में अपनी मुराद के लिए दौड़े चले आते हैं।
मनचाही मुराद पूरी होने पर बाबा के स्थान पर
बकरे, मुर्गे की बलि देते हैं। बाबा के चमत्कार के
बारे में सारनी ताप बिजली घर के
कर्मचारी बताते हैं कि बाबा के मंदिर में 1966 में
तत्कालिक सतपुड़ा ताप बिजली घर के
प्रोजेक्ट आफिसर डीएस तिवारी ने पहली बार
बिजली पहुंचाई जो आज तक जल रही है।
कहा जाता है कि 1966 से सारनी ताप
बिजली घर में दुर्घटनाएं तथा अकाल मौत में
कमी आई है। एक बार बाबा के मंदिर में लाईट
नहीं जली तो 31 मार्च 83 को 12 लोग जल गए।
जिसमें 6 की जीवन लीला समाप्त हो गई।
इसी तरह एक बार फिर मंदिर की बिजली गुल
हो गई तो 14 लोगों को ले जा रही नाव राजडोह
में डूब गई। जिसमें एक भी जीवित नहीं बचा। 93
में बंकर की क्षति के पीछे भी मंदिर
का अंधेरा बताया जाता है। लोग शाम होते
ही बाबा की लाईट देखकर ताप बिजली घर
की तथा आम जन मानस
की खुशहाली की कामना करते हैं। बाबा

ravindra mankar ने कहा…

Mahakal Bhakt Ravindra
भी पर्यटन एवं धार्मिक तीर्थाटन के रूप
में भगवान शिव के धाम बारहंिलंग ,
भोपाली की छोटा महादेव की गुफायें ,
सूर्यपुत्री मां ताप्ती की जन्म
स्थली मुलतापी - मुलताई ,
चन्द्रपुत्री मां पूर्णा की जन्म
स्थली भैसदेही , मलाजपुर के गुरू साहेब
महाराज की समाधी स्थली , सारनी के
बाबा मठारदेव , गोधना की मां चण्डी के
दरबार , जैन मुनियो की तपोभूमि मुक्तागिरी ,
छावल का मां रेणुका धाम , बरसाली का अखंड
भारत का केन्द्र बिन्दु , सालबर्डी की गुफाये ,
ताप्ती नदी का पारसडोह , केरपानी के हनुमान
जी , आमला की पंचवटी , सूरगांव
का एतिहासिक शिव मंदिर , सातबड के समीप
स्थित जंगलो में मौजूद शंखलिपी , प्रदेश
का एक मात्र काफी उत्पादक स्थत कुकरू
खामला , मंदिरो एवं कुओ का गांव बैतूल
बाजार , चिचोली स्थित दीयादेव की टेकडी ,
तपश्री बाबा का आश्रम , हनुमान डोल ,
सतपुडा तवा जलाशय , ग्राम रोंढा का विशाल
नंदी , गुप्त कालीन मुर्तियो का केन्द्र
काजली - कनौजिया तक को भूल चुकी है. आज
अपनी स्वंय की पहचान को मोहताज इस बैतूल
की भूमि को अपने ही कपूतो पर रोना आ रहा है
क्योकि वे अपनी जन्मभूमि - मातृभूमि को वह
मान - सम्मान नहीं दिलवा सके है.
Comments
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RAVI MANKAR ने कहा…

ॐ श्री गणेशाय नमः
बाबा मठारदेव की आरती ॐ जे मठ के वासी,
स्वामी जे मठ के वासी तेरी शरण में आये,
तेरी शरण में आये हम सेवक बाबा !! ॐ जय जय
हो बाबा.... सीधे सरल ग्वाल के संग, बन बन
घुमे बाबा .... दूध, मठा, मही पीकर, दूध
मठा मही पीकर मगन रहे बाबा !! ॐ जय जय
हो बाबा.... कंधे पर प्रेम पोटली, कानो में कुंडल
बाला जाता जूट और मस्तक चंदन, जाता जूट
और मस्तक चंदन गले कन्थीमाला !! ॐ जय
जय हो बाबा घोर घाना जंगल में मंगला, प्रेम
का अलख जगाये ऊँचे पर्वत पर है मढिया, ऊँचे
पर्वत पर है मढिया भक्ति की धुनी रमाये !! ॐ
जय जय हो बाबा.... ऊँचा पर्वत ऊँची मढिया,
ऊँचा काम तेरा बाबा जपे निरंतर जै शिवशंकर
जपे निरंतर जै शिवशंकर नाम अक्षर बाबा !!
ॐ जै जय हो बाबा नित्य प्रेम से जाये नाम जो,
जै मठ के बाबा मनकी इच्छा पूरण करते, मन
वांछित फल देने वाले जै मठार देव बाबा !! ॐ
जय जय हो बाबा.... ॐ जे मठ के वासी,
स्वामी जय जय हो बाबा तेरी शरण में आये,
तेरी शरण में आये हम सेवक बाबा !! ॐ जय
मठारदेव बाबा